शब्द
को-पे
को-पे एक शर्त है जिसमें हर मंज़ूर क्लेम का एक तय हिस्सा आपको खुद भरना होता है।
इसका मतलब
मान लीजिए आपकी पॉलिसी में 20% को-पे है और अस्पताल का बिल ₹1 लाख आता है — तो ₹20,000 आपकी जेब से जाएँगे और बाक़ी बीमाकर्ता देगा। यह हर क्लेम पर लागू होता है।
यह क्यों मायने रखता है
- को-पे ठीक उसी समय चुभता है जब आप बड़ा क्लेम कर रहे होते हैं।
- अक्सर वरिष्ठ नागरिक या कुछ शहरों की पॉलिसियों में यह अनिवार्य होता है।
- बिना को-पे वाली योजना आम तौर पर बेहतर होती है, भले प्रीमियम थोड़ा ज़्यादा हो।
व्यावहारिक सुझाव
- खरीदने से पहले जाँचें कि को-पे स्वैच्छिक है या अनिवार्य।
- प्रीमियम की बचत बनाम हर क्लेम पर देय हिस्से को तौलें।